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Showing posts from July, 2023

भगवत गीता पढ़ने, पढाने और सुनने का लाभ

आदि शंकराचार्य जी के मतानुसार एक ही शास्त्र होना चाहिए और वह केवल भगवद गीता और एक ही भगवान होने चाहिए केवल भगवान् श्री कृष्ण। भगवत गीता कोई धार्मिक या सामुदायिक ग्रन्थ नहीं है अपितु यह इन सबसे ऊपर एक आध्यात्मिक योग पद्धति प्रदान करने वाला ग्रन्थ है, जिससे हर व्यक्ति अपने आप को ज्ञान योग, कर्म योग तथा भक्ति योग के माध्यम से सही तरीके से जाने और अपनी असली पहचान के द्वारा वह सही कार्य को करने की प्रेरणा ले।  भगवत गीता का मुख्य उद्देश्य हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश में लाना है, और जैसे ही हम ज्ञान में स्थित हो जाते हैं हम अपने हर कार्य के लिए सही निर्णय ले सकने में सक्षम हो सकेंगे।  आज हर व्यक्ति निणर्य लेने में या तो भ्रमित रहता है, या मनमाने  ढंग से निर्णय लेता है जिससे भविष्य में उसे पछताना पड़ता है, पर यदि व्यक्ति भगवद गीता का आश्रय लेता है तो उसे सही बुद्धि के कारण सही निर्णय लेने में आसानी हो जाती है।  भगवत गीता की शिक्षा सभी वर्गों के लिए है फिर चाहे कोई  शिक्षक है, विद्यार्थी है, व्यापारी है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि कहीं न कहीं हर...