आज से दशक पहले यदि हम देखें तो शिक्षा का स्तर उतना नहीं था जितना तथाकथित शिक्षित आज की युवा पीढ़ी है। आज की आधुनिक शिक्षा प्रणाली में एक छोटा बालक भी अपने आप को स्वतंत्र समझता है और अपने ही शिक्षक को आँख दिखाता है और सम्मान नहीं करता। आज के त्रुटिपूर्ण शिक्षा के कारण ही विश्वभर में युवा विद्यार्थी अपने शिक्षक एवं माता - पिता के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इस बात को हमें स्वीकार करना ही होगा कि शिक्षित वर्ग अनपढ़ वर्ग से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। आज एक अनपढ़ व्यक्ति केवल अपना व्यक्तिगत नुक्सान करता है, पर वहीँ एक पढ़ा लिखा पुरे समाज के लिए बीमारी बन जाता है, कारण उसकी बुद्धि एक अनपढ़ की तुलना में ज्यादा विकसित है।। आज स्कूल और कालेजों में न तो ब्रह्मचर्य की शिक्षा दी जा रही है और न ही उन्हें किसी शास्त्रीक ज्ञान की फिर उनके अंदर वास्तविक ज्ञान कैसे उत्पन्न होंगे क्योंकि कालेज और किताबी ज्ञान से वे केवल बुद्धि का अच्छी तरह दुरूपयोग करना ही सिखाया जा रहा है और हम उम्मीद करते हैं कि हमारी भावी पीढ़ी बड़ी उन्नत और समाज के लिए हितकर साबित होगी, यह तो उसी तरह हुआ ...