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श्री श्री राधागिरिधारी ब्रह्मोत्सव

आज बहुत ही पावन दिवस है तिथि अनुसार आज के दिन ही श्री श्री राधा गिरिधारी, श्री श्री जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा मैया एवं सुदर्शन, श्री श्री गौर - निताई एवं श्री श्री नरसिम्ह देव एवं प्रह्लाद महाराज को इस्कान मिरा रोड स्थित मंदिर में  विग्रह के रूप में स्थापित किया गया। 

वर्ष २०१६ के श्रावण मॉस के शुक्ल पक्ष के वामन द्वादशी के शुभ दिन श्री श्री राधा गिरिधारी मंदिर का उद्घाटन किया गया। 

इतिहास के रूप में देखने जाए तो श्री श्री राधा गिरिधारी स्वयं अपनी अद्भुत लीला से वहां प्रकट हुए और स्वयं विशाल मंदिर का निर्माण भक्तों के द्वारा करवाए।

श्री श्री राधा गिरिधारी मंदिर की एक विशेषता यह भी है, कि जो भी भक्त सच्चे मन से उनसे प्रार्थना करता है उनकी वे सभी इच्छाएं पूरी कर देते हैं। 

ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार हमारे मन में अरविन्द प्रभुजी और हम दोनों मिलकर कुछ समाज कल्याण का कार्य करना चाहते थे और इसके लिए हम सभी बहुत प्रयास रत रहते थे।  और एक दिन जब हमें अरविन्द प्रभू ने बताया की श्रीमान कमल लोचन प्रभुजी द्वारा जो की मंदिर के अध्यक्ष रूप में कार्यरत हैं श्री रामायण का प्रवचन कर रहे हैं। 

हम भगवान् श्री राम की कथा सुनने पहली बार श्री श्री राधा गिरिधारी मंदिर पहुंचे और  श्रीमान कमल लोचन प्रभुजी के मुखारवृन्द से भगवान् श्री राम की कथा सुनकर भावविभोर हो गया ऐसा लगा जैसे हमने पहली बार किसी ऐसे व्यक्ति से कथा श्रवण किया है जो स्वयं भगवान् को ठीक - ठीक जानता है। 

जैसाकि हर व्यक्ति के जीवन का अपना एक लक्ष्य होता हैं ,तब से हमने निर्णय लिया कि इस मंदिर के प्रति शरणागत होना ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए और श्री श्री राधा गिरिधारी की सेवा और उनके भक्तों की सेवा से ही जीवन की सर्वोच्च सिद्धि को प्राप्त किया जा सकता है। 

श्री श्री राधा गिरिधारी मंदिर निर्माण कार्य में तो बहुत भक्तों ने अथाह परिश्रम किया जिनमे कुछ वरिष्ठ भक्त श्रीमान गुणकेश प्रभुजी, श्रीमान लोकाध्यक्ष प्रभुजी, श्रीमान उमापति प्रभुजी, श्रीमान करुणामयी वनमाली स्वामी महाराज, श्रीमान कमल लोचन प्रभुजी और ढेर सारे अन्य भक्त गण । 

पर इन सभी में श्रील प्रभुपाद जी का योगदान अदिव्तीय है जिन्होंने न केवल एक मंदिर बल्कि सम्पूर्ण विश्व में ५०० से भी ज्यादा मंदिरो का निर्माण कार्य करवाया और आज भी यह सतत चलता जा रहा है। 

आज श्री श्री राधा गिरिधारी न केवल हम सभी भक्तो का आश्रय स्थल बना हुआ है जैसे भगवान् ने गोवर्धन पर्वत को धारण करके सभी गोप - गोपियों को आश्रय दिया था बल्कि कितने सारे अन्यों के भी शारीरिक, मानसिक और भौतिक समस्याओं को भी हल कर रहा है। 

आइये हम सभी एक बार भगवान् श्री श्री राधा गिरिधारी जी से प्रार्थना करें कि वे सदैव इसी प्रकार हमारे ऊपर अपनी कृपा बनाये रखे और उचित मार्गदर्शन करें जिससे हम सभी भक्ति में प्रगति कर सकें। 






श्री श्री राधा गिरिधारी भगवान् की जय !

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